
तू इस तरह से मेरी ज़िन्दगी में शामिल है
जैसे दिल में धड़कन
धड़कन में संगीत
संगीत में सुर-ताल और लय
लय में गति
गति में जीवन
जीवन में सपने
और सपनों में ख्वाहिशें....
और ख्वाहिशें
ऐसी/जैसे
ठोकरों में ज़िन्दगी गुज़ारते
बेघरों को घर की,
एक अदद दर की.
सच ही तो है
शमशेर के शब्दों में__
तुम आओ, तो खुद घर मेरा आ जाएगा.
ख्वाहिशें
जैसे
शुरू होकर तुम से
तुम्हीं पर खत्म हो जाती है
और तुम
मुझसे कितनी दूर
कितनी बेपरवाह (शायद)!
________________
4 comments:
भास्कर जी, विभाव का अर्थ क्या होता है?
बहुत सुन्दर। लिखते रहें।
swagat hia aapka. bahut khub rachnaa..
---
ultateer.blogspot.com
सुंदरतम।
Post a Comment