
वो
जिन्हें लगता है
कि वे कभी गलत नहीं होते
उन्हें गुस्सा बहुत आता है
गुस्सा बहुत आता है उन्हें
जिनके पास पद होता है
पद की ताकत होती है
ताकत का मद होता है
मद की मस्ती होती है
और होती है ज़िन्दगी
मस्त…..मस्त………..
उन्हें गुस्सा बहुत आता है
जो नचाना चाहते हैं सबको
अपनी ऊँगलियों के इशारे पर
सारे इतिहास और भविष्य को जो
अपने शौकिया आकर्षक कलमों की तरह
अपने कमीज़ की जेब में खोंसकर
दाँत निपोरे घूमते हैं व्यस्त-सा.
उन्हें गुस्सा बहुत आता है
खुद के ईश्वर न होने के
एहसास जागने पर
मुँह में गलगलाते तम्बाखू और पान के
छींटे उड़ने पर
अपने आत्ममुग्ध हस्ती के सम्मुख
न झुके सिरों पर
सुना है
हिटलर को भी
बहुत गुस्सा आता था.
जाने
'अल्बर्ट पिंटो' को
अब गुस्सा कब आयेगा?
1 comment:
'अल्बर्ट पिंटो'
ये कौन महाशय हैं ????
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